युमनाम खेमचंद मणिपुर के 13वें मुख्यमंत्री, मैतेई CM के साथ नगा समुदाय से लोसी, कुकी से नेमचा डिप्टी CM

भाजपा नेता युमनाम खेमचंद सिंह मणिपुर के 13वें मुख्यमंत्री बने हैं। राज्यपाल अजय कुमार भल्ला ने बुधवार शाम को इम्फाल स्थित लोकभवन में खेमचंद को शपथ दिलाई। खेमचंद मैतेई समुदाय से आते हैं। उनके साथ ही नगा समुदाय से आने वाले लोधी दिखो ने डिप्टी सीएम की शपथ ली। वे नगा पीपुल्स फ्रंट के विधायक हैं। वहीं, कुकी समुदाय से आने वालीं नेमचा किपगेन राज्य की पहली डिप्टी सीएम बनीं। भाजपा नेता नेमचा ने दिल्ली के मणिपुर भवन से वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए शपथ लीं। आज ही राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू ने राज्य में 356 दिन से लगा राष्ट्रपति शासन हटाया है। मणिपुर में मैतेई और कुकी समुदाय के बीच जातीय हिंसा के कारण 9 फरवरी 2025 को तत्कालीन CM एन. बीरेन सिंह ने इस्तीफा दिया था। इसके 4 दिन बाद, 13 फरवरी 2025 से राष्ट्रपति शासन लागू किया गया था।

3 फरवरी को दिल्ली में मणिपुर भाजपा के विधायक दल की बैठक हुई थी। इसमें भाजपा विधायक युमनाम खेमचंद सिंह को विधायक दल का नेता चुना गया था। 4 फरवरी को NDA के घटक दलों के विधायकों की बैठक में सीएम और डिप्टी सीएम के नामों पर मुहर लगी। खेमचंद पूर्व सीएम बीरेन सिंह के करीबी माने जाते हैं। वहीं, राज्य के गृह मंत्री के लिए कोंथौजम गोविंदास सिंह का नाम चर्चा में है।

युमनाम खेमचंद सिंग्जामेई क्षेत्र (इंफाल वेस्ट) से भाजपा विधायक हैं। 2017-2022 तक मणिपुर विधानसभा स्पीकर रहे। 2022 में पूर्व मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह की दूसरी सरकार में मंत्री रहे। वे मैतेई समुदाय से आते हैं, जो मणिपुर के घाटी क्षेत्र में बहुसंख्यक हैं। बीरेन सिंह के साथ नजदीकी भी हैं। हाल के महीनों में वे शांति प्रयासों में सक्रिय रहे हैं।
मई 2023 हिंसा के बाद दिसंबर 2025 में कुकी बहुल इलाकों और रिलीफ कैंप का दौरा करने वाले वे पहले मैतेई नेता हैं। बीरेन सिंह की तुलना में मध्यमार्गी माने जाते हैं। यही बात इन्हें कट्टर मैतेई लाइन से अलग करती है।

नई सरकार में कुकी-जो समुदाय को संतुष्ट करने के लिए नेम्चा किप्गेन काे​ उपमुख्यमंत्री बनाया जा रहा है। नेम्चा 2017 और 2022 में कुकी बहुल कांगपोकपी से भाजपा की विधायक हैं। बीरेन सिंह के पहले कार्यकाल (2017-2020) में उन्होंने सामाजिक कल्याण एवं सहकारिता मंत्री का पद संभाला। बीरेन सिंह के दूसरे कार्यकाल में वे वाणिज्य एवं उद्योग, वस्त्र एवं सहकारिता विभाग की कैबिनेट मंत्री हैं। मैतेई-कुकी जाति हिंसा के दौरान इम्फाल में उनका सरकारी आवास जला दिया गया था। वे उन 10 कुकी-जो विधायकों में हैं, जिन्होंने पहाड़ी क्षेत्रों के लिए अलग प्रशासन की मांग की थी।

 

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