CGPSC घोटाला केस में हाईकोर्ट का फैसला.. जिनके खिलाफ कार्रवाई नहीं उन्हें नियुक्ति देने का आदेश
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने CG-PSC को लेकर राज्य सरकार की अपील खारिज कर दी है। कोर्ट ने सिंगल बेंच के फैसले को सही ठहराते हुए 37 चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति देने का आदेश दिया है। मामला वर्ष 2021–2022 की राज्य सेवा परीक्षा से जुड़ा है, जिसमें 171 पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया हुई थी। इस दौरान आरोप लगे थे कि राजनीतिक प्रभाव और प्रशासनिक अधिकारियों के रिश्तेदारों को नियमों को ताक पर रखकर चयनित किया गया। जांच के बाद सीबीआई ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए और इस घोटाले में शामिल 7 लोगों को गिरफ्तार किया गया था। जांच पूरी होने के बाद शासन ने घोटाले में संदिग्ध नामों पर रोक लगाते हुए पूरी चयन प्रक्रिया को स्थगित कर दिया था।
इस रोक के खिलाफ चयनित अभ्यर्थियों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। सुनवाई के दौरान सिंगल बेंच ने आदेश दिया था कि जिन अभ्यर्थियों के नाम चार्जशीट में शामिल नहीं हैं, उन्हें नियुक्ति दी जाए। राज्य शासन ने इस आदेश के खिलाफ चीफ जस्टिस की डिवीजन बेंच में अपील दायर की थी, लेकिन आज कोर्ट ने शासन की यह अपील खारिज कर दी। इसके साथ ही सिंगल बेंच का आदेश कायम रखा गया है। मामले में याचिकाकर्ताओं की ओर से सीनियर एडवोकेट राजीव श्रीवास्तव और मलय श्रीवास्तव ने पैरवी की। इस फैसले के बाद अब शासन के पास केवल सुप्रीम कोर्ट में अपील करने का विकल्प बचा है।
