अरुणाचल पर हमला कर सकता है चीन, पेंटागन की रिपोर्ट को एक्सपर्ट ने क्यों कहा चेतावनी?

अमेरिकी रक्षा मंत्रालय पेंटागन की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि ताइवान के साथ साथ भारत के अरुणाचल प्रदेश को भी चीन ने अपने तथाकथित ‘कोर इंटरेस्ट’ में शामिल कर लिया है। इस रिपोर्ट ने एक बार फिर से अरुणाचल प्रदेश को लेकर भारत-चीन संबंधों में छिपे रणनीतिक तनाव को वैश्विक मंच पर ला दिया है। एक्सपर्ट इसे सिर्फ सीमा विवाद नहीं, बल्कि बीजिंग की दीर्घकालिक भू-राजनीतिक योजना के हिस्से के तौर पर देख रहे हैं। पेंटागन के मुताबिक, चीन वर्ष 2049 तक “राष्ट्रीय पुनरुत्थान” के लक्ष्य को हासिल करने के लिए अपनी संप्रभुता और क्षेत्रीय दावों को किसी भी कीमत पर आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। इस रणनीति के तहत ताइवान, दक्षिण चीन सागर और भारत-चीन सीमा को आपस में जुड़े हुए मोर्चों के रूप में देखा जा रहा है। रिपोर्ट यह भी संकेत देती है कि पिछले दिनों चीन ने भारत के साथ LAC पर तनाव में जो कमी की है, वो असल में उसकी दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा है। डिफेंस एक्सपर्ट लेफ्टिनेंट कर्नल (रिटायर्ड) जेएस सोढ़ी ने कहा कि “पेंटागन की रिपोर्ट एक बार फिस से साबित करता है कि भारत को लेकर चीन की बुनियादी सोच में कोई बदलाव नहीं आया है, बल्कि चीन भविष्य में अरुणाचल प्रदेश की लड़ाई की तैयारी कर रहा है।” जेएस सोढ़ी ने इस बात को लेकर हैरानी जताई कि आखिर भारत में इस पर चर्चा क्यों नहीं हो रही है।

जेएस सोढ़ी ने कहा कि “डोनाल्ड ट्रंप ने राष्ट्रपति बनने के बाद अघोषित तौर पर रूस और चीन के साथ एक तरह का समझौता कर लिया है। जिसके तहत उन्होंने दुनिया को तीन हिस्सों में बांट लिया है। कोई भी एक दूसरे के क्षेत्र में दखल नहीं देगा।” डिफेंस एक्सपर्ट सोढ़ी ने इसे ‘G3’ नाम दिया है। सोढ़ी ने कहा कि “चीन के प्लान को अगर आप देखें, उसे गहराई से अध्ययन करें तो पता चलता है कि चीन काफी तेजी से भारत के खिलाफ तैयारी कर रहा है। वो अरुणाचल प्रदेश से 30 किलोमीटर दूर अपनी सीमा के भीतर दुनिया का सबसे बड़ा बांध बना रहा है और ये भी चीन की अरुणाचल रणनीति का ही हिस्सा है।”

पेंटागन की आकलन रिपोर्ट में कहा गया है कि “बीजिंग एलएसी पर स्थिति को नियंत्रित कर नई दिल्ली को वॉशिंगटन के और करीब जाने से रोकना चाहता है।” डिफेंस एक्सपर्ट्स का मानना है कि अरुणाचल प्रदेश सिर्फ भौगोलिक सीमा नहीं, बल्कि चीन के लिए इंडो-पैसिफिक रणनीति का हिस्सा है। लेफ्टिनेंट कर्नल (रिटायर्ड) जेएस सोढ़ी का कहना है कि चीन 2030 के बाद अरुणाचल प्रदेश पर कब्जे के लिए हमला कर सकता है। उन्होंने कहा कि ताइवान पर चीन 2027 के अंत तक हमला करेगा और इसके लिए चीन बिल्कुल अलग स्ट्रैटजी पर काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि चीन, ताइवान पर सैन्य आक्रमण से पहले स्पेस युद्ध और साइबर युद्ध करेगा। वो ताइवान के बैंकिंग सिस्टम, कम्युनिकेशन नेटवर्क, सैटेलाइट नेटवर्क को ब्लॉक कर देगा। जिससे ताइवान में हाहाकार मच जाएगा। ताइवान का बाहरी दुनिया से संपर्क पूरी तरह से तोड़ दिया जाएगा। जब ताइवान बिल्कुल अंधेरे में डूबा रहेगा, फिर ताइवान में कब्जे के लिए चीन अपनी सेना को भेजेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *