कूनो से फिर आई खुशखबरी, मादा चीता गामिनी ने दिया तीन शावकों को जन्म
मध्य प्रदेश के श्योपुर स्थित कूनो नेशनल पार्क से आज बुधवार को वन्यजीव संरक्षण के मोर्चे पर बड़ी सफलता की खबर आई। दक्षिण अफ्रीका से लाई गई मादा चीता ‘गामिनी’ ने तीन स्वस्थ शावकों को जन्म दिया है। गामिनी दूसरी बार मां बनी है और यह भारतीय धरती पर चीतों का नौवां सफल प्रसव माना जा रहा है। इन नए शावकों के साथ भारत में जन्मे जीवित शावकों की संख्या बढ़कर 27 हो गई है, जबकि देश में कुल चीता आबादी अब 38 तक पहुंच गई है। वन विभाग के अनुसार, सभी नवजात पूरी तरह स्वस्थ हैं और विशेषज्ञ पशु चिकित्सकों की टीम उनकी सतत निगरानी कर रही है।
अधिकारियों का कहना है कि लगातार मिल रही प्रजनन सफलताएं प्रोजेक्ट चीता की प्रभावशीलता को साबित कर रही हैं। फील्ड स्टाफ और पशु चिकित्सकों की समर्पित निगरानी के कारण कूनो में चीतों का अनुकूलन और प्रजनन दोनों सकारात्मक दिशा में बढ़ रहे हैं। हर नया जन्म इस महत्वाकांक्षी परियोजना को नई ऊर्जा दे रहा है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर प्रदेशवासियों के साथ यह खुशी साझा की। उन्होंने ‘एक्स’ पर लिखा, ‘चीतों के पुनर्स्थापन का सशक्त केंद्र मध्यप्रदेश…अत्यंत हर्ष का विषय है कि प्रोजेक्ट चीता के अंतर्गत दक्षिण अफ्रीका से आई मादा चीता ‘गामिनी’ ने 3 शावकों को जन्म दिया है. श्योपुर जिले में स्थित कूनो नेशनल पार्क में आए चीतों के तीन वर्ष पूर्ण होने के साथ यह 9वां सफल प्रसव है। भारत में चीतों की कुल संख्या बढ़कर अब 38 हो गई है. यह पूरे देश के लिए वन्यजीव संरक्षण, जैव विविधता और पर्यावरण संतुलन की दिशा में ऐतिहासिक उपलब्धि है।’
इस माह के अंत तक कूनो में चीतों का कुनबा और बढ़ने वाला है। चीता पुनर्वास परियोजना के तहत 28 फरवरी को बोत्सवाना से आठ चीते कूनो लाए जा रहे हैं। इनमें दो वयस्क मादा और छह नर चीते होंगे। इस मौके पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के साथ बोत्सवाना के राष्ट्राध्यक्ष डुमा बोका भी कूनो में मौजूद रह सकते हैं।
