छत्तीसगढ़ में डॉक्टर भैया-भाभी नाम से फेमस दंपती को पद्मश्री, दंतेवाड़ा-अबूझमाड़ में 1 लाख मरीजों का किया फ्री इलाज
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने छत्तीसगढ़ के डॉक्टर दंपती को पद्मश्री से सम्मानित किया। डॉक्टर भैया-भाभी नाम से चर्चित छत्तीसगढ़ के गोडबोले दंपत्ति को यह सम्मान निःस्वार्थ सेवा के लिए दिया गया है। इन्होने अब तक दंतेवाड़ा-अबूझमाड़ में 1 लाख से ज्यादा मरीजों का किया फ्री इलाज किया है। डॉक्टर दंपती लंबे समय से आदिवासी और ग्रामीण इलाकों में लोगों का इलाज कर मानव सेवा का काम कर रहे हैं।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सोमवार को 66 हस्तियों को पद्म पुरस्कार से सम्मानित किया है। इनमें छत्तीसगढ़ के डॉक्टर दंपती भी शामिल हैं। दंतेवाड़ा और अबूझमाड़ में चिकित्सा सेवा दे रहे डॉ. रामचंद्र त्रयम्बक गोडबोले और डॉ. सुनीता गोडबोले डॉक्टर भैया-भाभी के नाम से भी फेमस हैं। साल 2026 में देशभर की कुल 131 हस्तियों को पद्म पुरस्कार दिए जाने हैं।
सोमवार को पहले चरण में 66 लोगों को सम्मानित किया गया है, जबकि बाकी 65 विजेताओं को अगले फेज में सम्मान मिलेगा। हालांकि, दूसरे चरण की तारीखों का अभी ऐलान नहीं किया गया है। अगले फेज में समाज सेवा के क्षेत्र में काम करने वाली दंतेवाड़ा की बुधरी ताती को भी पद्मश्री सम्मान से नवाजा जाएगा। श्रीमती गोडबोले एक जानी-मानी समाज सेविका हैं, जिन्होंने आदिवासी समुदायों के उत्थान और स्वास्थ्य सेवा के लिए 40 से अधिक वर्षों तक समर्पित होकर कार्य किया है और उनके स्वास्थ्य तथा विकास के लिए लगातार काम किया है। उन्होंने बस्तर में रहकर आदिवासी समुदायों की सेवा का कार्य किया।
