उड़ने वाला डायनासोर? पड़ोसी देश में मिला करोड़ों साल पुराना कंकाल
जैसे ही हम डायनासोर का नाम सुनते हैं, हमारे दिमाग में तुरंत जमीन पर चलने वाले किसी विशालकाय जीव की तस्वीर सामने आ जाती है. लेकिन क्या डायरनासोर भी उड़ सकते थे? इतने विशाल शरीर के साथ क्या उड़ पाना संभव था? भारत के पड़ोसी मुल्क चीन में मिए एक डायनासोर के जीवाश्म ने इन्ही सवालों पर सोचने पर मजबूर कर दिया है. चीन के रिसर्चर्स ने एक ऐसे डायनासोर की खोज की है, जिसके दो नहीं बल्कि चार पंख थे. माना जा रहा है कि यह खोज इस रहस्य से पर्दा उठाएगी कि धरती पर जीवों ने उड़ना कैसे शुरू किया.
चीनी रिसर्चर्स का 4 पंखों को लेकर मानना है कि यह डायनासोर आज के पक्षियों की तरह आसमान में लंबी उड़ान नहीं भर पाता रहा होगा. इसके बजाय, ये चार पंख उसे एक पेड़ से दूसरे पेड़ पर कूदने, नीचे आते समय खुद को संभालने और हवा में अपना संतुलन बनाए रखने में मदद करते रहे होंगे. घने जंगलों में दिशा बदलने और खुद को क्रैश होने से बचाने के लिए यह डायनासोर अपने चारों पंखों का इस्तेमाल स्टीयरिंग की तरह करता था.
डायनासोर के विकास को समझने के लिए चीन आज दुनिया का सबसे बड़ा देश बन गया है. चीन की मिट्टी में करोड़ों साल पुराने जीवाश्म सुरक्षित हालत में मिले हैं, जिनमें डायनासोर के पंख, त्वचा के निशान और सॉफ्ट टिश्यू तक साफ नजर आए हैं. इन्हीं खोजों के कारण से अब दुनिया यह मान चुकी है कि डायनासोर सिर्फ रेंगने वाले विशाल जीव नहीं थे, बल्कि उनमें से कईयों के शरीर पर रंग-बिरंगे पंख थे और वे आज के पक्षियों के पूर्वज थे.
