ट्रम्प की धमकी से ईरान नाराज, अमेरिका से बातचीत रोकी, कहा- दबाव में बात नहीं करेंगे

स्विट्जरलैंड में 21 जून को ईरान और अमेरिका के बीच हुई बातचीत ट्रम्प की धमकी की वजह से खत्म हो गई। ईरानी वार्ताकार मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने कहा, “करीब 80 मिनट की बातचीत के बाद मुझे पता चला कि ट्रम्प ने हमारे राष्ट्रपति, हमारी वार्ता टीम और हमारे इलाके को लेकर धमकी भरे बयान दिए हैं।” गालिबाफ ने कहा कि इसके बाद ईरानी डेलिगेशन ने बैठक खत्म कर दी और वहां से चला गया। उन्होंने बताया कि बाद में अमेरिकी पक्ष ने मध्यस्थों के जरिए एक और बैठक करने की इच्छा जताई, लेकिन ईरान ने इसे स्वीकार नहीं किया।

ईरानी टीम ने अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के साथ हाथ मिलाने और संयुक्त फोटो सत्र में शामिल होने से इनकार कर दिया। इसे लेकर जब अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस से पत्रकारों ने सवाल किया तो उन्होंने कहा, लोग सोचते हैं कि केवल नेतन्याहू ही बातचीत को नुकसान पहुंचा सकते हैं, लेकिन कई बार ट्रम्प के अचानक और सख्त बयानों से भी तनाव पैदा हो जाता है।

दरअसल, जब अमेरिका-ईरान के प्रतिनिधि बातचीत कर रहे थे, तभी ट्रम्प ने ईरान को धमकी देते हुए सोशल मीडिया पर लिखा था कि ईरान तुरंत लेबनान में हिजबुल्ला को परेशानी पैदा करने से रोके। अगर उन्होंने ऐसा नहीं किया तो हम ईरान पर फिर बहुत सख्त हमला करेंगे।