अनोखा अस्पताल, यहां अमीर-गरीब सबका होता है मुफ्त इलाज
जयपुर में एक ऐसी जगह है जहां डॉक्टर केवल इलाज नहीं करते, बल्कि उन लोगों के जीवन में नई रोशनी भरने का काम कर रहे हैं जो लकवे, कोमा या गंभीर चोटों की वजह से बिस्तर से बंध गए थे. ‘विवान सेवा संस्थान’ के नाम से चल रहा यह ‘लकवा घर’ चिकित्सा जगत में सेवा और समर्पण की एक मिसाल पेश कर रहा है.इस संस्थान की शुरुआत न्यूरोसर्जन डॉ. मुकेश भास्कर और उनकी पत्नी डॉ. मुक्ता ने की है. एसएमएस हॉस्पिटल के प्रोफेसर के तौर पर काम करते हुए डॉ. मुकेश ने महसूस किया कि गरीब मरीजों को इलाज के बाद घर पर वैसी देखरेख नहीं मिल पाती, जैसी उन्हें जरूरत होती है. उन्होंने अपनी कमाई और मेहनत से इस संस्थान की नींव रखी, ताकि जरूरतमंदों को फिजियोथेरेपी से लेकर नर्सिंग देखभाल तक सब कुछ एक ही छत के नीचे मिल सके.
इस संस्थान की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहां मरीज के साथ आने वाले अटेंडेंट के लिए भी रहना और भोजन पूरी तरह से फ्री है. यहां की व्यवस्था किसी अस्पताल जैसी नहीं, बल्कि एक परिवार की तरह है. मरीज के कमरे में एलईडी पर भजन-कीर्तन और कथाएं चलती रहती हैं, ताकि मरीजों का मनोबल बना रहे और वे पॉजिटिव महसूस करें.
शुरुआत में पांच बेड से शुरू हुआ यह सफर आज 20 बेड तक पहुंच गया है. आज कई लोग इस नेक काम से जुड़कर गेहूं, घी, तेल और अन्य आवश्यक चीजें दान कर रहे हैं, जिससे यह सेवा लगातार चल रही है. डॉ. मुकेश कहते हैं कि जब कोई मरीज ठीक होकर अपने घर लौटता है, तो जो सुकून मिलता है, वह किसी भी फीस से कहीं ज्यादा बड़ा होता है.
आज इस संस्थान में राजस्थान के अलावा हरियाणा, एमपी, यूपी और बिहार तक के मरीज अपनी जटिल बीमारियों का इलाज कराने पहुंच रहे हैं. विवान सेवा संस्थान उन मिडिल क्लास परिवारों के लिए एक बड़ा सहारा बन गया है जो लाखों रुपये के इलाज का खर्च नहीं उठा सकते.
