आंध्र प्रदेश में पूरी तरह सूखी चित्रावती नदी, रेत पर ही करना पड़ा बप्पा का ‘विसर्जन’
देश भर में इस समय गणेश उत्सव की धूम मची हुई है। घरों-पंडालों में बप्पा की पूजा के बाद उनकी प्रतिमा का विसर्जन भी शुरू हो गया है। इस बीच आंध्र प्रदेश के अनंतपुर जिले से गणेश विसर्जन की हैरान करने वाली तस्वीर सामने आई है। यहां सूखे के गंभीर हालात के कारण श्रद्धालुओं को गणेश प्रतिमाएं सूखी नदियों और नहरों में छोड़ने पर मजबूर होना पड़ा है। इसको लेकर वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष वाईएस जगन मोहन रेड्डी और उनकी पार्टी ने मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार पर तीखा हमला बोला है।
वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (YSRCP) ने मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू के प्रशासन की आलोचना करते हुए आधिकारिक बयान और फुटेज जारी किए। उन्होंने तर्क दिया कि पानी का संकट पूरी तरह से रोका जा सकता था और इसे सबसे क्रूर लापरवाही करार दिया। उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों की कई चेतावनियों के बावजूद सरकार केसी नहर जैसी नहरों में समय रहते पानी छोड़ने में नाकाम रही।
रायलसीमा क्षेत्र से दिल दहला देने वाले वीडियो सामने आए। पुतलुरु और सिंगनमाला जैसे इलाकों में पानी की भारी कमी के कारण चित्रावती नदी और स्थानीय नहरें पूरी तरह सूख गईं। इससे श्रद्धालुओं को पूजा-पाठ करने के बाद अपनी गणपति प्रतिमाएं सूखी-पड़ी नदी की तलहटी में छोड़ने पर मजबूर होना पड़ा।
संभल जाओ!
देख लो नदियां सूख रही हैं।
नदी में पानी नहीं था तो गणपति के भक्त उन्हें ऐसे ही विसर्जित कर चले गए।वीडियो चित्रावती नदी का है।
आंध्र प्रदेश के अनंतपुर जिले के पुट्टलूरु में यह नदी सूख गई थी, इसलिए गणेश विसर्जन के समय मूर्तियां सूखी नदी की रेत पर रख दी गईं।… pic.twitter.com/WOF4OHKSCe— SKY (@ysatyandra) September 21, 2026
दरअसल पानी की कमी ने रायलसीमा के कुछ हिस्सों में गणेश प्रतिमा विसर्जन के लिए एक बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है। विसर्जन के लिए पानी नहीं मिलने के कारण भक्त बड़ी मूर्तियों को सिंचाई के लिए बनी सूखी टंकियों, नहरों और नदी के तल में ही छोड़ने को मजबूर हो गए। यह स्थिति इलाके के कई हिस्सों में देखी गई। इनमें पुतलूर और येल्लानूर मंडल शामिल हैं। जहां बड़ी मूर्तियों को सूखे जलाशयों में छोड़ दिया गया। सूखी टंकियों और नदी के तल में पड़ी मूर्तियों ने सूखे से प्रभावित इस इलाके में पानी की भारी कमी की ओर सबका ध्यान खींचा है।
भक्त मूर्तियों को विसर्जन के लिए तय जलाशयों तक तो ले गए, लेकिन पानी नहीं होने के कारण आगे नहीं बढ़ पाए। पानी की कमी का असर पीने के पानी की उपलब्धता पर भी पड़ा है। सूखे जलाशयों में छोड़ी गई बड़ी मूर्तियों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं। जो विसर्जन प्रक्रिया के दौरान भक्तों को हो रही दिक्कतों को उजागर करती हैं। इस बीच अधिकारियों ने अनंतपुर शहर की मूर्तियों के विसर्जन के लिए आस-पास के मंडलों और अन्य जगहों पर मौजूद जलाशयों में व्यवस्था की, जो मूर्तियों के आकार पर निर्भर करता था।
