सीतापुर में गरजे CM योगी, बोले- ‘बंट गए तो कटने के रास्ते खुल जाएंगे’, बांग्लादेश में हिंदुओं पर हमलों पर कही ये बात

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज सोमवार को सीतापुर स्थित तपोधाम सतगुरु गिरधारी नाथ जी महाराज आश्रम में आयोजित मूर्ति स्थापना दिवस और भव्य भंडारा कार्यक्रम में शामिल हुए. उन्होंने वहां मौजूद जनसमूह को संबोधित करते हुए सनातन धर्म को राष्ट्र की शक्ति बताया. मुख्यमंत्री ने ऐतिहासिक संदर्भों के जरिए बताया कि कैसे विदेशी आक्रांताओं ने भारत की अर्थव्यवस्था और आश्रम पद्धति को नुकसान पहुंचाया. उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में पिछले 11 वर्षों में भारत एक बड़ी वैश्विक ताकत बनकर उभरा है. योगी आदित्यनाथ ने जाति और भाषा के नाम पर विभाजन पैदा करने वाले तत्वों से सावधान रहने की अपील की. सीएम योगी ने कहा कि दुनिया की तमाम सभ्यताएं समय के साथ मिट गईं, लेकिन सनातन संस्कृति आज भी गरिमा के साथ खड़ी है. भारत ने हमेशा ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ का संदेश दिया और शरण मांगने वालों को पनाह दी.

उन्होंने तीखा प्रहार करते हुए कहा कि कुछ लोगों ने उंगली पकड़कर गला दबाने का काम किया और देश को लूटा. मुगलों और अंग्रेजों ने भारत के हस्तशिल्प और किसानों को तबाह कर दिया. सीएम के अनुसार, 1947 में आजादी के वक्त भारत की वैश्विक अर्थव्यवस्था में हिस्सेदारी गिरकर महज 2 फीसदी रह गई थी, जिसे अब फिर से संवारा जा रहा है. सीएम योगी आदित्यनाथ- ‘भारत में नागपंचमी पर जहरीले सांप को भी दूध पिलाने की ‘समदृष्टि’ वाली संस्कृति है. हमने हर शरणार्थी को पनाह दी, लेकिन कुछ लोगों ने शरणार्थी धर्म निभाने के बजाय विश्वासघात किया. उन्होंने उंगली पकड़कर गला दबाने का प्रयास किया और देश को लूटने में कोई कसर नहीं छोड़ी.’

मुख्यमंत्री ने बांग्लादेश में हिंदुओं, विशेषकर दलित हिंदुओं की हत्याओं और उनके घरों को जलाए जाने की घटनाओं पर गहरी चिंता व्यक्त की. उन्होंने सवाल उठाया कि जब मरने वाला हिंदू है, तो मानवाधिकार संगठन और बड़े नेता मौन क्यों हैं? उनके लिए कोई वकालत क्यों नहीं कर रहा है? योगी ने कहा कि केवल कुछ हिंदू संगठन और धर्माचार्य ही इस पर बोल रहे हैं. उन्होंने जनता को आगाह किया कि अगर सनातन कमजोर हुआ तो देश का अस्तित्व संकट में पड़ जाएगा, इसलिए इन नेताओं के बहकावे में आने की जरूरत नहीं है.

संबोधन के अंत में मुख्यमंत्री ने ‘समदृष्टि’ का महत्व समझाया. उन्होंने कहा कि भारतीय परंपरा में पहला ग्रास गाय और अंतिम कुत्ते को दिया जाता है, यही समत्व योग है. उन्होंने लोगों को जाति और क्षेत्रवाद के जहर से बचने की सलाह देते हुए कहा कि दुश्मन भारत पर नजरें गड़ाए बैठा है. यदि समाज बंट गया, तो कटने के रास्ते खुद खुल जाएंगे. उन्होंने लोगों से एकजुट रहने की अपील करते हुए कहा कि भारत अब एक बड़ी शक्ति बनने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रहा है और इस यात्रा में सनातन धर्म ही मुख्य आधार है.

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