दीपके की सरकार को धमकी.. ‘प्रधान के इस्तीफे तक जंतर-मंतर नहीं छोड़ेंगे’,
पेपर लीक मामले में प्रधानमंत्री के हस्तक्षेप के बावजूद काकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने स्पष्ट किया है कि वह धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से नीचे नहीं मानेगी। साथ ही केंद्र को बातचीत के लिए जंतर-मंतर या किसी तटस्थ स्थल पर आना होगा और उसके लिए उसे सीधे संपर्क करना होगा। सीजेपी का यह रुख ऐसे समय में आया है जब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एक्स पोस्ट में पेपर लीक में शामिल लोगों को जल्द और कड़ी सजा दिलाने के लिए फास्ट -ट्रैक कोर्ट बनाने की घोषणा की और कहा कि हमारे युवाओं के कल्याण और भविष्य से ज्यादा जरूरी कुछ भी नहीं है। प्रधानमंत्री के एक्स पोस्ट पर सीजेपी अध्यक्ष अभिजीत दीपके ने धर्मेंद्र प्रधान की व्यांगत्मक प्रतिक्रिया दी, जबकि सीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने प्रधानमंत्री की प्रतिक्रिया का स्वागत करते हुए कहा कि यह लगभग डेढ़ महीने के विरोध-प्रदर्शन के बाद आया है, तब भी यह बार-बार हो रहे पेपर लीक के पीछे के मुख्य सवाल का जवाब नहीं देता है। सवाल कि पेपर लीक होने के बाद आप क्या सजा दे रहे हैं? इससे पेपर लीक की समस्या हल नहीं होने वाली है। असली सवाल यह है कि पेपर लीक हो ही क्यों रहे हैं। उस सवाल का जवाब मिलना चाहिए।
#WATCH | शिक्षा मंत्री के इस्तीफे को लेकर अभिजीत दीपके ने कहा कि प्रधानमंत्री जी मैं अनुरोध करता हूं कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा ले लीजिए वरना… बात आपके इस्तीफे पर भी आ जाएगी.#CJP #CJPProtest #Delhi #Protest #Paperleak #HindiNews #ABPNews pic.twitter.com/Co9j0uafRs
— ABP News (@ABPNews) July 23, 2026
उन्होंने आगे कहा कि असली लड़ाई चोट को होने से रोकने की है। यह इसलिए लगती रहती है क्योंकि सिस्टम चलाने वाले लोग न तो जवाबदेह हैं और न ही काबिल। इसलिए, ये उपाय किसी भी तरह से काफी नहीं है। रांका ने कहा कि जब तक धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते, हम यह जगह नहीं छोड़ेंगे। यहां बड़ी संख्या में लोग जोश और संकल्प के साथ आए हैं और हर कोई उनके इस्तीफे की मांग कर रहा है। लेकिन जैसे-जैसे दिन बीत रहे हैं, यह मुद्दा अब सिर्फ धर्मेंद्र प्रधान तक सीमित नहीं रहा है,अब केंद्र के नेतृत्व को भी निशाने पर ले रहा है। उन्होंने आगे कहा, लोग कह रहे प्रधान नहीं, अब प्रधान-मंत्री का इस्तीफा चाहिए।
इस बीच, मुख्य प्रवक्ता सौरभ दास ने स्पष्ट किया कि सरकार को बातचीत के लिए सीधे पार्टी से संपर्क करना चाहिए। कहा कि उन्हें सरकार की ओर से बातचीत का कोई सीधा संदेश नहीं मिला है। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह का कहना है कि हम कहीं भी बात कर सकते हैं, तो हमने अपना सुझाव दे दिया है। जंतर-मंतर आएं या कांस्टीट्यूशन क्लब जैसे किसी तटस्थ स्थान पर आएं। हम वहीं मिलेंगे। उनकी तरफ से अभी तक मुझे कोई आधिकारिक संदेश नहीं मिला है।
