J-K, उत्तराखंड और हिमाचल में बारिश का रौद्र रूप, डरावने Video
उत्तर भारत में मानसून ने कहर बरपाना शुरू कर दिया है. जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में पिछले 48 घंटों से लगातार हो रही भारी बारिश, बादल फटने और लैंडस्लाइड ने तबाही मचा रखी है. जम्मू-कश्मीर में भूस्खलन और अचानक आई बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 23 हो गई है, जबकि सात लोग पुंछ और राजौरी में लापता हैं फुल स्टॉप कारगिल, गुरेज, लाहौल-स्पीति और हल्द्वानी में नदियां उफान पर हैं और सड़कें बह गई हैं. इसके अलावा चार धाम यात्रा का अस्थायी रूप से रोक दिया गया है. सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे 5 डरावने वीडियो इन इलाकों की भयावह स्थिति को दिखा रहे हैं.
मौसम विभाग के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में निम्न दबाव प्रणाली कमजोर होने और उत्तर भारत में मानसूनी हवाएं मजबूत होने से यह स्थिति बनी है.
कारगिल के करिकिचू और बदगाम क्षेत्र सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं. यहां बाढ़ से कई रिहायशी इलाके, वाहन और खड़ी फसलें बर्बाद हो गईं. गुरेज क्षेत्र के अचूरा, बरनाई और जेदगई गांव में मल्टीपल क्लाउडबर्स्ट से नाले उफान पर आ गए. पानी और मलबे के साथ पेड़-पत्थर बहकर आए, जिससे लोगों में अफरा-तफरा मच गया.
राहत की बात ये है कि अब तक किसी जान-माल की हानि की खबर नहीं है. राज्य में बारिश से जुड़ी घटनाओं में मरने वालों की संख्या बढ़कर 23 हो गई है. पूंछ जिले के लोरान में एक मकान ढहने से मां और दो बच्चों समेत सात लोगों की मौत हो गई, सात लोग अभी भी लापता हैं.
उत्तराखंड में भी मूसलाधार बारिश आफत बनकर बरसी है. हल्द्वानी में सड़कें समंदर जैसी नजर आ रही हैं और देहरादून में तमसा नदी पूरे उफान पर बह रही है.
जम्मू-कश्मीर: गुरेज घाटी में बादल फटने से भारी तबाही!
मूसलाधार बारिश और अचानक आई बाढ़ का भयावह वीडियो सामने आया है। प्रभावित क्षेत्रों में तबाही का मंजर pic.twitter.com/diOn8GTLyM
— Delhi Patrika (@PatrikaDelhi) July 21, 2026
बागेश्वर के कपकोट में सरयू नदी में 8 साल का बच्चा बह गया. राज्य में चार नेशनल हाईवे समेत 150 सड़कें बंद हैं और सुरक्षा के लिहाज से एहतियातन चार धाम यात्रा रोक दी गई है.
हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति स्थित खांगसर और शुगू गांव की पहाड़ियों पर बादल फटने से भारी मात्रा में पानी और मलबा नीचे आया, जिससे व्यापक नुकसान हुआ है. मौसम विभाग के रेड अलर्ट को देखते हुए कांगड़ा, मंडी और सिरमौर के सभी शैक्षणिक संस्थानों को 21 जुलाई को बंद रखने के आदेश दिए गए हैं. राज्य में 36 सड़कें और कई बिजली ट्रांसफार्मर ठप हो गए हैं.
