दिल्ली में नकली रेबीज वैक्सीन रैकेट का भंडाफोड़: भागीरथ पैलेस से 481 यूनिट जब्त
दिल्ली में लोगों की जान से खिलवाड़ करने वाले एक बड़े नकली दवा रैकेट का पर्दाफाश हुआ है. दिल्ली ड्रग्स कंट्रोल डिपार्टमेंट ने भागीरथ पैलेस स्थित एक फर्म पर छापेमारी कर करीब 2 लाख रुपये कीमत की नकली रेबीज वैक्सीन की 481 यूनिट जब्त की हैं. इस मामले के तार उत्तर प्रदेश के कानपुर से जुड़े होने की बात सामने आई है, जिसके बाद स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया है.
स्वास्थ्य मंत्री मामले की गंभीरता को देखते हुए दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर पंकज कुमार सिंह ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि नकली और मिलावटी दवाइयां बेचने वालों के खिलाफ सरकार की नीति ‘जीरो टॉलरेंस’ की है. स्वास्थ्य मंत्री ने कहा, “रेबीज एक बेहद गंभीर और कई मामलों में जानलेवा बीमारी है. ऐसे में रेबीज वैक्सीन की गुणवत्ता या सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. इस गैर-कानूनी धंधे में शामिल दोषियों के खिलाफ ‘ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट, 1940’ के प्रावधानों के तहत बेहद सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.”
दिल्ली ड्रग्स कंट्रोल डिपार्टमेंट को मिली गुप्त सूचना और निर्देशों के आधार पर विभाग की एक विशेष टीम ने राजधानी के प्रमुख दवा बाजार भागीरथ पैलेस में तीन अलग-अलग परिसरों पर गहन तलाशी अभियान चलाया. इस दौरान टीम ने बिक्री परिसर और गोदाम से ‘Rabies Vaccine, Human I.P. (Purified Vero Cell Rabies Vaccine) – (Abhayrab)’ की 481 नकली यूनिट बरामद कीं. जब इस मामले की पुष्टि मूल निर्माता कंपनी ‘एम/एस ह्यूमन बायोलॉजिकल इंस्टीट्यूट, तेलंगाना’ से की गई, तो उन्होंने साफ किया कि बरामद वैक्सीन का यह बैच उनकी कंपनी द्वारा जारी ही नहीं किया गया था यानी पूरी तरह नकली था.
ड्रग्स कंट्रोल डिपार्टमेंट की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 120 वायल के नमूने जांच के लिए सुरक्षित कस्टडी में लिए हैं. इसके अलावा, बाकी बची 361 यूनिट वैक्सीन और सात खरीद चालानों (Purchase Invoices) को ‘ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट, 1940’ की धारा 22(1)(C) और 22(1)(CC) के तहत जब्त कर लिया गया है. सभी नमूनों को क्वालिटी टेस्टिंग और एनालिसिस के लिए कसौली स्थित सीआरआई (CRI) सेंटर भेज दिया गया है.
जांच के दौरान भागीरथ पैलेस की उस फर्म ने खुलासा किया कि उसने यह नकली वैक्सीन कानपुर की एक एजेंसी से खरीदी थी. इस अहम सुराग के मिलते ही दिल्ली ड्रग्स कंट्रोल विभाग ने तुरंत उत्तर प्रदेश ड्रग्स कंट्रोल डिपार्टमेंट के साथ सूचना साझा की. इसके आधार पर यूपी टीम ने कानपुर में दो ठिकानों पर छापेमारी की, जहां एजेंसी ने दिल्ली में नकली वैक्सीन की सप्लाई करने की बात कबूल कर ली है.
पूरे नेटवर्क की तलाश जारी स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर पंकज कुमार सिंह ने बताया कि विभाग इस पूरे सिंडिकेट की तह तक जाने में जुटा है. नकली दवाओं के इस अवैध नेटवर्क के मुख्य सरगना, दवाओं के असली स्रोत और उनकी डिस्ट्रीब्यूशन चेन का पता लगाया जा रहा है. दिल्ली ड्रग्स कंट्रोल डिपार्टमेंट ने स्पष्ट किया है कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा और कानून के दायरे में रहकर सबसे कड़ी सजा सुनिश्चित की जाएगी.
