बहराइच में हमलावर लंगूर को वन विभाग ने पकड़ा, मचा रहा था आतंक, दो दर्जन से ज्यादा लोगों को किया था घायल
बहराइच में करीब एक महीने से लोगों के लिए परेशानी बने लंगूर को बुधवार शाम वन विभाग की विशेष टीम ने पकड़ लिया। लंगूर के हमले में अब तक 24 से ज्यादा लोग घायल हो चुके थे। एक युवक की हालत गंभीर होने पर उसे जिला अस्पताल भेजना पड़ा था। इसके अलावा लंगूर ने एक दर्जन से ज्यादा मोटरसाइकिलों को भी नुकसान पहुंचाया था। उसके पकड़े जाने की खबर मिलते ही कस्बे के लोगों ने राहत की सांस ली।
लंगूर को पकड़ने के लिए वन विभाग ने सिद्धार्थनगर और महराजगंज से विशेष टीम बुलाई थी। बुधवार सुबह से ही वनकर्मी उसकी गतिविधियों पर नजर रख रहे थे। शाम को चंद्रशेखर बालिका इंटर कॉलेज के पास लंगूर एक चाट के ठेले पर जा बैठा। उसे देखने के लिए कुछ ही देर में सैकड़ों लोगों की भीड़ जुट गई। वनकर्मियों ने भीड़ को हटाकर उसे घेरने की तैयारी शुरू की।
बीट प्रभारी अपनी टीम के रामनाथ और रामसागर के साथ सुबह से ही लंगूर का पीछा कर रहे थे। शाम को वह कॉलेज के पास पहुंचा और चाट के ठेले पर बैठ गया। लंगूर को देखने के लिए लोग सड़क पर जमा हो गए। भीड़ बढ़ती देख वनकर्मियों ने लोगों को वहां से हटाया, ताकि उसे पकड़ने के दौरान कोई घायल न हो। भीड़ हटने के बाद लंगूर वहां से निकलकर टेलीफोन एक्सचेंज के पास स्थित एक मार्केट में घुस गया। वन विभाग की टीम ने उसका पीछा जारी रखा और उसे बाहर निकलने का मौका दिए बिना पकड़ने की तैयारी शुरू कर दी।
सिद्धार्थनगर और महराजगंज से आई विशेष टीम में मोहम्मद हसन, शाह मोहम्मद, शहजाद अली और शमशुल्ला समेत कई कर्मचारी शामिल थे। टीम ने मार्केट में लंगूर को चारों तरफ से घेरकर जाल बिछाया। काफी मशक्कत के बाद लंगूर जाल में फंस गया।
जाल में फंसते ही उसने निकलने की कोशिश की, लेकिन वनकर्मियों ने उसे काबू में कर लिया। इसके बाद उसे बोरे में सुरक्षित डाल दिया गया। करीब एक महीने से कस्बे में डर का कारण बने लंगूर के पकड़े जाने के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने राहत महसूस की।
बताया गया कि लंगूर ने अंशुमा शर्मा, रुद्रांश शर्मा और अमित वर्मा समेत सीएचसी के एक कर्मचारी और दो दर्जन से ज्यादा लोगों को घायल किया था। उसके हमलों से कस्बे में लोगों में डर बना हुआ था। रास्ते में आने वाले लोगों के अलावा उसने कई मोटरसाइकिलों को भी नुकसान पहुंचाया। अब तक एक दर्जन से ज्यादा बाइक खराब होने की बात सामने आई है।
लंगूर के आक्रामक व्यवहार को देखते हुए वन विभाग ने बाहर से विशेष टीम बुलाकर उसे पकड़ने का फैसला किया था। अभियान के दौरान सुरक्षा के लिए पुलिस की मदद भी ली गई, ताकि लंगूर को पकड़ते समय भीड़ बेकाबू न हो।
लंगूर को पकड़ने के दौरान रिसिया चौकी से देवेंद्र और पंकज के साथ डायल 112 की टीम भी मौके पर पहुंची। पुलिसकर्मियों ने वन विभाग की टीम के साथ मिलकर भीड़ को नियंत्रित किया और लोगों को सुरक्षित दूरी पर रखा। बीट प्रभारी शिवम पांडेय ने बताया कि लंगूर को नानपारा रेंज कार्यालय ले जाया जा रहा है। वहां जरूरी कार्रवाई पूरी करने के बाद उसे कतर्नियाघाट जंगल में छोड़ दिया जाएगा। इससे रिसिया कस्बे में पिछले करीब एक महीने से बनी लोगों की परेशानी खत्म हो गई है।
