जबड़ा इंसान का, तार सोने के! 500 साल पुरानी कब्र से मिला डेंटल इम्पालंट का वो राज…
क्या आप यह सोच सकते हैं कि आज से करीब 500 साल पहले, जब बिजली और एडवांस मशीनें नहीं थीं, तब भी लोग सोने के डेंटल सर्जरी कराते थे? सुनने में चौंका देने वाला है लेकिन हाल ही में हुए एक रिसर्च में यह सच साबित हुआ है. स्कॉटलैंड में हुई एक खोज ने इतिहासकारों और डॉक्टरों को दांतों तले उंगली दबाने पर मजबूर कर दिया है. एबरडीन के एक प्राचीन चर्च की खुदाई में एक ऐसा चौंकाने वाला खुलासा हुआ है, जो बताता है कि आज से 500 साल पहले के लोग भी मेडिकल साइंस में बहुत ज्यादा आगे थे. एबरडीन के ईस्ट किर्क ऑफ सेंट निकोलस में खुदाई के दौरान एक इंसान का जबड़ा मिला है, जिसमें सोने के तारों से की गई जटिल डेंटल सर्जरी के प्रमाण मिलते हैं. वैज्ञानिकों के मुताबिक यह खोज बताती है कि 500 साल पहले भी लोग मेडिकल साइंस के एडवांस तरीके से परिचित थे.
ब्रिटिश डेंटल जर्नल में छपे एक रिसर्च के मुताबिक खुदाई में मिला यह कंकाल करीब 1460 से 1670 के बीच का है. इस व्यक्ति के दांतों में 20 कैरेट शुद्धता वाले सोने के तार लिपटे हुए हैं. रिसर्च में खुलासा हुआ है कि इस सोन में 82.4% सोना, 9.8% चांदी और 2.5% तांबा शामिल था. सबसे हैरानी का बात तो यह है कि यह कोई सजावट के लिए इस्तेमाल नहीं किया गया था, बल्कि एक सोची-समझी मेडिकल प्रक्रिया थी. रिसर्चर्स का मानना है कि सोने के इन बारीक तारों का इस्तेमाल या तो हिलते हुए दांत को फिक्स करने के लिए या फिर टूटे हुए दांत की जगह नकली दांत को टिकाने के लिए एक ब्रिज की तरह किया गया होगा.
