क्या होता है पोलोनियम, जिसे खाने से अस्पताल पहुंच गए पंजाब के CM, जानिए इससे शरीर को कैसा खतरा?
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को सोमवार अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद मोहाली के फोर्टिस अस्पताल में भर्ती कराया गया. इस दौरान, अस्पताल प्रशासन को एक धमकी भरा ई-मेल मिला. इसमें अस्पताल को बम से उड़ाने की बात कही गई है. साथ ही ये दावा किया गया है कि सीएम मान को पोलोनियम-210 नाम के खतरनाक रेडियोएक्टिव पदार्थ दिया गया है. खबर मिलते ही पंजाब पुलिस, खुफिया एजेंसियां और प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया. अस्पताल के बाहर भी सुरक्षा बढ़ा दी गई और हर आने-जाने वाले पर नजर रखी जा रही है.
अस्पताल को आए धमकी भरे ई-मेल में ये दावा किया गया कि सीएम मान को पोलोनियम-210 नाम के खतरनाक रेडियोएक्टिव पदार्थ से संक्रमित किया गया है. मेल भेजने वाले ने खुद को खालिस्तान समर्थक बताते हुए कहा कि यह कार्रवाई खालिस्तान नेशनल आर्मी (KNA) की ओर से की जा रही है. इतना ही नहीं, ई-मेल में यह भी लिखा गया है कि अगर सीएम मान बच भी जाते हैं, तो उन्हें पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह जैसा अंजाम भुगतना पड़ेगा. इस धमकी ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है. क्योंकि मेल में सिर्फ धमकी नहीं बल्कि गंभीर आरोप और डराने वाली चेतावनी भी दी गई है.
धमकी मिलते ही पंजाब पुलिस, बम निरोधक दस्ता और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने फोर्टिस अस्पताल को चारों तरफ से घेर लिया. रिपोर्ट के मुताबिक, मौके पर 5 बम निरोधक दस्ते तैनात किए गए हैं और पूरे परिसर की गहन तलाशी ली जा रही है. मोहाली के SP सिटी दिलप्रीत सिंह ने धमकी मिलने की पुष्टि करते हुए कहा कि सब कुछ वैरिफाई किया जा रहा है और मुख्यमंत्री सुरक्षित हैं. पुलिस ने साइबर सेल को भी जांच में शामिल किया है, ताकि पता लगाया जा सके कि यह ई-मेल किसने और कहां से भेजा.
ई-मेल में जिस पोलोनियम-210 का जिक्र है, उसे दुनिया के सबसे घातक जहरों में गिना जाता है. यह शरीर में प्रवेश करते ही अंदरूनी अंगों और DNA को नुकसान पहुंचाता है. इसकी सबसे डरावनी बात यह है कि यह अल्फा रेडिएशन छोड़ता है, जिसे बाहर से पकड़ना मुश्किल होता है. बताया जा रहा है कि सीएम मान को पहले ब्लड प्रेशर बढ़ने पर अस्पताल में भर्ती किया गया था, डिस्चार्ज भी किया गया, लेकिन बाद में सांस लेने में दिक्कत होने पर उन्हें दोबारा भर्ती कराना पड़ा. फिलहाल उनकी हालत स्थिर है. पुलिस इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच में जुटी है, क्योंकि इससे पहले भी पंजाब के कई शहरों में स्कूलों को धमकियां मिल चुकी हैं, जो बाद में फर्जी निकली थीं.
