राहुल बोले- राष्ट्रपति ने वोट चोरी से इनकार नहीं किया:हमसे सबूत मांगे; सोमवार को सुप्रीम कोर्ट जाएंगे

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्षी गठबंधन ने शुक्रवार को लगातार चौथे दिन प्रदर्शन और मार्च निकाला। सबसे पहले पुराने संसद भवन के सेंट्रल हॉल में एक घंटे मीटिंग की। इसके बाद सांसदों ने संसद से राष्ट्रपति भवन तक पैदल मार्च किया। राहुल, ममता, खड़गे समेत 10 सांसदों का डेलीगेशन राष्ट्रपति से मिला। बाकी सांसदों ने विजय चौक पर धरना दिया। मीटिंग से बाहर आकर राहुल ने कहा कि पूरा देश जानता है कि देश में वोट चोरी हो रही है। राष्ट्रपति ने भी इससे इनकार नहीं किया। अब हम सोमवार को सुप्रीम कोर्ट जाएंगे।

हालांकि PTI ने सूत्रों के हवाले से बताया कि राहुल गांधी का यह दावा कि राष्ट्रपति मुर्मू ने ‘वोट चोरी’ के आरोपों को स्वीकार किया है, यह गलत है। विपक्षी सांसदों ने पिछले 4 दिनों में ज्ञानेश कुमार के खिलाफ तीसरा मार्च निकाला है। इससे पहले 6 अक्टूबर को सेव डेमोक्रेसी मार्च निकाला था। फिर 7 मार्च को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के लिए गए थे। रास्ते में रोक दिया गया। 8 अक्टूबर को कनॉट प्लेस से राजघाट तक मार्च निकाला था।

कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात के बाद कहा कि विपक्षी गठबंधन के नेताओं ने उन्हें ज्ञापन सौंपकर कथित वोट चोरी के मुद्दे पर अपनी बात रखी।

उन्होंने कहा- हमने पिछले चार दिनों से चल रहे आंदोलन और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से जुड़े कथित गंभीर मामले को राष्ट्रपति के सामने उठाया। हमने उनसे मांग की है कि ईवीएम के बजाय बैलेट पेपर से चुनाव कराए जाएं।

खड़गे ने बताया कि राष्ट्रपति ने वोट चोरी के आरोपों से जुड़े सबूत मांगे हैं। विपक्ष फिलहाल सबूत जुटा रहा है और उन्हें राष्ट्रपति को सौंपेगा। खड़गे ने कहा कि राष्ट्रपति ने उनकी बातें ध्यान से सुनीं और मामले की विस्तार से जांच करने, संबंधित पक्षों से चर्चा करने तथा उचित कदम तय करने की बात कही।

पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात के बाद कहा कि उन्होंने राष्ट्रपति को एक ज्ञापन सौंपा है। राष्ट्रपति ने मामले की जांच करने और पूरे विवरण को देखने की बात कही है। उन्होंने संबंधित मामले के सबूत भी मांगे हैं, जिन्हें हमें उन्हें जल्द ही सौंप देंगे।

ममता बनर्जी ने कहा कि देश इस मुद्दे को लेकर चिंतित है। इस मुद्दे पर हमने राष्ट्रपति से संविधान के संरक्षक के रूप में लोकतंत्र की रक्षा के लिए उचित कदम उठाने की अपील की। राष्ट्रपति की प्रतिक्रिया पॉजीटिव थी और उन्होंने मामले की जांच करने का आश्वासन दिया है।