बीपीएल कार्ड धारकों का सत्यापन, 60 हजार से ज्यादा निकले अमीर, इनकम टैक्स भरने वाले किए गए आउट

रायपुर। वन नेशन वन कार्ड योजना के तहत प्रत्येक राशन कार्ड सदस्य को ई-केवायसी कराना अनिवार्य करने के बाद अब बीपीएल कार्ड धारकों का भी भौतिक सत्यापन किया जा रहा है कि कार्ड धारक बीपीएल की श्रेणी के लिए पात्र है भी या नहीं। इसके लिए प्रत्येक कार्ड धारक के बैंक खाता में लेनदेन चेक किया जा रहा है कि कहीं वह इनकम टैक्स दे रहा है या फिर इसके दायरे में तो नहीं आता। इस जांच के दौरान छत्तीसगढ़ में अब तक 60 हजार से अधिक ऐसे बीपीएल कार्ड धारकों का पता चला है, जो इंकम टेक्स दे रहे हैं या उसके दायरे में आते हैं। इन सभी कार्डों को विभाग ने निरस्त कर दिया है। निरस्त किए गए कार्ड धारक अब एपीएल कार्ड ही बनवा पाएंगे। इसके लिए उन्हें अब नए सिरे से कार्ड बनवाने के लिए आवेदन करना होगा।

बीपीएल श्रेणी का कार्ड बनाने के लिए कार्ड धारक एवं उसके परिवार के सदस्यों को गरीबी रेखा से नीचे होना अनिवार्य है। इसके तहत कार्ड धारक की सालाना आय दो लाख से कम हो, असिंचित भूमि 7.5 एकड़ से ज्यादा न हो, कृषि भूमि 5 एकड़ से ज्यादा न हो, सरकारी नौकरी न हो जैसे कई नियम बने हुए हैं। इन नियमों के तहत पात्र लोगों के ही बीपीएल कार्ड बनाए जा सकते हैं। प्रदेश में ऐसे भी कई बीपीएल कार्ड धारक है जिनके पास 5 एकड़ से अधिक कृषि भूमि एवं 7.5 एकड़ से अधिक असिंचित भूमि है। खाद्य विभाग से मिले आंकड़ों के अनुसार रायपुर जिले में ही 10 हजार से अधिक बीपीएल कार्ड निरस्त किए गए हैं। ये सभी कार्ड धारक बीपीएल श्रेणी में अपात्र पाए हैं। इनमें ज्यादातर कार्ड धारक इंकम टैक्स के दायरे में मिले हैं, जिनका बैंक खाता में सालाना 6 लाख रुपए से अधिक का ट्रांजेक्शन है। यानी इन खाता कार्ड धारकों की सालाना आय 6 लाख से अधिक मान ली गई है।

इसके अलावा ऐसे भी कार्ड धारक हैं, जो इंकम टैक्स देते हैं। इस तरह इन लोगों के काडों को निरस्त कर दिया गया है। रायपुर के अलावा बिलासपुर, दुर्ग जैसे जिलों में भी 3 से 5 हजार की संख्या में बीपीएल कार्ड निरस्त किए गए हैं। इसके अलावा धमतरी, महासमुंद, राजनांदगांव, कवर्धा, बेमेतरा, बालोद, अंबिकापुर, रायगढ़, कोरबा सहित अन्य जिलों में भी बड़ी संख्या में बीपीएल कार्ड निरस्त किए गए हैं।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *