खुद से चल भी नहीं पा रहे, दूसरों के सहारे मुंबई-हैदराबाद का आईपीएल मैच देखने पहुंचे विनोद कांबली

जहां दो लंगोटिया यार कभी क्रिकेट खेला करते थे, बीती रात उसी मैदान पर नजर आए. हालांकि, एक दर्शक के रूप में पहुंचा तो दूसरा टीम के डगआउट में बैठा नजर आया. हम यहां बात कर रहे हैं सचिन तेंदुलकर और विनोद कांबली की. दरअसल, मुंबई इंडियंस और सनराइजर्स हैदराबाद के बीच 29 अप्रैल को आईपीएल का मुकाबला वानखेड़े स्टेडियम में खेला गया, जिसमें हार्दिक पंड्या की कप्तानी वाली होम टीम को 6 विकेट से करारी हार मिली. इस मुकाबले को देखने के लिए पूर्व भारतीय बल्लेबाज विनोद कांबली भी पहुंचे. हालांकि, उनके एक वीडियो ने सबका ध्यान खींचा, जिसमें वह खुद से चल भी नहीं पा रहे थे.
विनोद कांबली जब स्टेडियम पहुंचे, तो उन्हें देखकर उनकी हिम्मत का अंदाजा लगाया जा सकता था. वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि सफेद चेक शर्ट, ब्राउन पैंट और स्पोर्ट्स शूज पहने 54 साल के कांबली काफी कमजोर नजर आ रहे थे. अपनी सेहत खराब होने की वजह से उन्हें चलने के लिए दो लोगों के सहारे की जरूरत पड़ी. शारीरिक रूप से कमजोर होने के बावजूद कांबली की मुस्कान और जिंदादिली ने फैंस का दिल जीत लिया.

एक फैन ने चिल्लाकर कहा, ‘सर, आप जल्दी ठीक हो जाइए.’ कांबली उसे नजरअंदाज करके आगे नहीं बढ़े, बल्कि रुके, उसकी आंखों में देखा, थंब्स-अप के जरिए शुक्रिया कहा. कांबली का यह जज्बा और फैंस के लिए प्यार वहां मौजूद लोगों के दिल को छू गया. इसने यह भी दिखा दिया कि भले ही उनका शरीर पूरी तरह ठीक नहीं है, लेकिन क्रिकेट और फैंस से आज भी वह उतना ही प्यार करते हैं, जितना अपने खेल के दिनों में करते थे.

कांबली का इस तरह सबके सामने आना क्रिकेट जगत के लिए राहत की बात है. अप्रैल का यह महीना उनके परिवार के लिए काफी मुश्किलों भरा रहा है, क्योंकि उनकी सेहत को लेकर कई चिंताजनक खबरें सामने आ रही थीं. इसी महीने की शुरुआत में ऐसी अफवाहें उड़ी थीं कि इस पूर्व क्रिकेटर को आईसीयू में भर्ती कराया गया है. उनके दिमाग में खून का थक्का जमने और स्ट्रोक के खतरे को लेकर भी काफी बातें कही गईं. हालांकि, उनकी पत्नी एंड्रिया ने तुरंत इन खबरों का खंडन किया. उन्होंने कहा था, ‘भगवान की कृपा से विनोद बिल्कुल ठीक हैं. मुझे नहीं पता कि उनकी सेहत को लेकर ये गलत खबरें कौन फैला रहा है.’ उन्होंने यह जरूर माना कि कांबली की सेहत का ख्याल रखने की जरूरत है, लेकिन स्थिति उतनी गंभीर नहीं थी जितनी कि अफवाहों में बताई जा रही थी.